पाइल्स क्या है?
दोस्तों, पाइल्स एक तरह का मांस का ढेर होता है, जो हमारे गुदा के अंदर या उसके आसपास बन सकता है। यह मांस खून की नसों और कुछ टिशूज़ से मिलकर बनता है। अब होता क्या है? जब हमें लंबे वक्त तक कब्ज की परेशानी रहती है, तो पॉटी करते समय हमें जोर लगाना पड़ता है। इस जोर की वजह से गुदा के आसपास की खून की नसों पर दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे ये नसें सूजने लगती हैं, फूलने लगती हैं। फिर एक समय ऐसा आता है कि ये नसें इतनी ज्यादा फूल जाती हैं कि हमेशा के लिए मोटी हो जाती हैं और एक मांस के ढेर की शक्ल ले लेती हैं। यही ढेर, दोस्तों, पाइल्स कहलाता है।
पाइल्स की चार ग्रेड्स
दोस्तों, अब बात करते हैं पाइल्स की चार ग्रेड्स की, यानी इसे चार हिस्सों में बांटा गया है।
पहली ग्रेड: इसमें पाइल्स की सूजन गुदा के अंदर होती है और बाहर से दिखाई नहीं देती। बस अंदर ही मांस का ढेर रहता है।
सेकंड ग्रेड: इसमें क्या होता है कि मांस का ढेर गुदा के अंदर तो रहता है, लेकिन जब आप पॉटी करने जाते हैं, तो ये बाहर निकल आता है। आप इसे महसूस कर सकते हैं। फिर पॉटी करने के बाद ये अपने आप वापस अंदर चला जाता है। यही है सेकंड ग्रेड।
थर्ड ग्रेड: अब इसमें मांस का ढेर हमेशा के लिए बाहर आ जाता है। आपको हर वक्त लगेगा कि गुदा के आसपास कुछ मांस जैसा है। ये अपने आप अंदर नहीं जाता, लेकिन अगर आप उंगली से धक्का देंगे, तो ये अंदर जा सकता है। ये होता है थर्ड ग्रेड।
फोर्थ ग्रेड: ये सबसे गंभीर टाइप का पाइल्स है। इसमें मांस का ढेर इतना बड़ा हो जाता है कि वो बाहर निकलने के बाद अंदर जा ही नहीं पाता। चाहे आप इसे धक्का दें, तब भी ये गुदा के अंदर नहीं जाएगा। ये हमेशा बाहर ही रहता है।
तो दोस्तों, ये हैं पाइल्स की चार अलग-अलग कैटेगरी। इन्हें इस आधार पर बांटा गया है कि आपकी पाइल्स की परेशानी कितनी हल्की या गंभीर है।
पाइल्स का इलाज
अब जहां तक बात आती है फर्स्ट ग्रेड, सेकंड ग्रेड और थर्ड ग्रेड पाइल्स की तो ये आमतौर पे कंज़र्वेटिव ट्रीटमेंट की मदद से ठीक किया जा सकता है। लेकिन फोर्थ ग्रेड पाइल्स क्योंकि काफी ज्यादा सिरीयस होता है तो इसमें अक्सर सर्जरी सजेस्ट की जाती है। वैसे बहुत सारे डॉक्टर्स ऐसे हैं जो कि फर्स्ट ग्रेड, सेकंड ग्रेड और थर्ड ग्रेड में भी कई बार सर्जरी सजेस्ट कर देते हैं और अक्सर लोग इस तरह की सर्जरीज़ कराने से काफी ज्यादा डरते हैं और उसके डरने की वजह भी है क्योंकि एक काफी कॉम्प्लिकेटेड सा प्रोसेस होता है, काफी पेनफुल भी हो सकता है।
तो अगर आप इस तरह के कोई पेशेंट हैं जिसको किसी डॉक्टर ने सर्जरी सजेस्ट की है फर्स्ट ग्रेड, सेकंड ग्रेड या थर्ड ग्रेड पाइल्स के केस में या फिर आपको ऐसे पेशेंट हैं जो ऑलरेडी सर्जरी करा चुके हैं लेकिन सर्जरी कराने के बाद वापस से आपकी पाइल्स जो है वो बढ़ गई है जो कि एक बहुत ही कॉमन फिनोमिना है। अक्सर जब आप सर्जरी कराते हैं उसके बाद रिकरेंस के चांस बहुत ज्यादा होते हैं पाइल्स में। तो अगर इस तरह की कैटेगरी में आप आते हैं और इसको कंज़र्वेटिव ट्रीटमेंट की मदद से या मैं कह सकता हूं कि अपने घर पे कुछ होम रेमेडीज़ की मदद से अगर ठीक करना चाहते हैं तो आज जो मैं आपको ट्रीटमेंट बताने वाला हूं दोस्तों ये काफी ज्यादा आपकी मदद करने वाला है।
क्योंकि इसमें जितनी भी रेमेडीज़ आज मैं आपको बताऊंगा ये पहली चीज तो आपके घर में बहुत ही आसानी से आपको मिल जाएंगी और इनको आप ऑलरेडी भी यूज़ करते हैं अलग-अलग फॉर्म्स में। बट इसको अगर इस तरह से जैसे मैं आपको बताने वाला हूं आप ट्राय यूज़ करेंगे तो उससे आपको पाइल्स में काफी ज्यादा हेल्प मिलेगी। तो चलिए अब जान लेते हैं कि यह कौन-कौन सी होम रेमेडीज़ हैं, इनको आपको कैसे यूज़ करना है और कैसे यह आपको फायदा पहुंचाएंगे।
1. रात का उपचार: कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल)
सबसे पहली चीज़ जो आपको करनी है, वह है रात को सोने से एक घंटा पहले एक गिलास गर्म दूध के साथ कैस्टर ऑयल लेना। कैस्टर ऑयल यानी कि अरंड का तेल जो होता है दोस्तों, ये एंटी-इन्फ्लेमेटरी होता है, एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज़ इसके अंदर होती हैं और एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल भी होता है और इसको अगर आप लोकली अप्लाई करते हैं, तो यह आपको पेन में भी काफी ज्यादा हेल्पफुल होता है।
तो आपको करना क्या है:
- रात को सोने से एक घंटा पहले आपको एक गिलास गर्म दूध लेना है और उस दूध के अंदर आपको मिलाना है 3 ml कैस्टर ऑयल। 3ml कैस्टर ऑयल मिलाके आपको यह दूध रात को सोने से 1 घंटा पहले पी लेना है।
- इसके साथ-साथ आपको कैस्टर ऑयल लोकली भी लगाना है अपनी पाइल्स के ऊपर। लोकली लगाने के लिए आप थोड़ा सा कैस्टर ऑयल ले लीजिए और अपनी उंगली की मदद से, या फिर किसी कॉटन की मदद से, या किसी ईयर बड्स की मदद से। अगर आपको इंटरनल पाइल्स है, तो उस केस में आपको ईयर बड्स लेना पड़ेगा, क्योंकि अंदर की तरफ आप उंगली से नहीं शायद लगा पाएंगे। तो या तो अपनी कॉटन ले लीजिए कोई, या फिर ईयर बड ले लीजिए, या फिर उंगली पे लगा के उसको लोकली अप्लाई करिए उस मास के ऊपर, जो आपकी पाइल्स का है।
लोकली जब आप इसको अप्लाई करेंगे, तो उससे आपको पेन में और जलन में काफी ज्यादा अच्छा रिजल्ट मिलेगा और ये दोनों ही चीज़ें आपकी काफी हद तक कम हो जाएंगी। इसके साथ-साथ अगर आप इसको रात को सोते टाइम ले भी रहे हैं पीने के लिए, जैसा कि मैंने आपको बताया दूध में डाल के, तो उससे भी आपकी जो पेन, इंफ्लेमेशन, स्वेलिंग है, वो भी कम होगी। आपका जो मास है पाइल्स का, वो भी श्रिंक होना शुरू होगा और वहां पर इंफेक्शन के चांसेस भी काफी ज्यादा कम हो जाएंगे। और यह सभी चीज़ें मिलकर आपको काफी हेल्प प्रोवाइड करेंगी पाइल्स को कम करने के लिए और उससे निजात पाने के लिए।
इसके साथ-साथ कैस्टर ऑयल जो होता है, ये पेट के अंदर जो हमारे स्टूल होते हैं, उनको सॉफ्टन करने का काम भी करता है, यानी उनको नरम बनाता है और आपको डिफिकेट में आसानी पैदा करता है। क्रॉनिक से क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन, या आपके पेट में अगर पुराने से पुराने स्टूल जमा हो गए हैं, जो कि सख्त हो जाते हैं और काफी पेनफुल होते हैं और यह चीज़ बहुत कॉमनली देखी जाती है पाइल्स के पेशेंट्स के अंदर। तो ऐसे लोगों के अंदर भी कैस्टर ऑयल पीने से काफी ज्यादा हेल्प मिलती है, क्योंकि जो आपका स्टूल है, वो सॉफ्टन हो रहा है और उसके साथ-साथ आपको डिफिकेट करने में भी आसानी हो रही है। तो उससे स्ट्रेन भी आपके एनस पे कम पड़ता है और इसकी वजह से भी आपको रिकवर करने में आसानी होती है।
2. रात का दूसरा उपचार: त्रिफला
दूसरी चीज़ जो आपको इस्तेमाल करनी है दोस्तों, वह है त्रिफला। त्रिफला जो है, यह एक आयुर्वेदिक मेडिसिन है, जो कि बनती है तीन जड़ी-बूटियों की मदद से। इसमें यूज़ होता है आमला, हरीतकी और बहेड़ा। यह तीनों चीज़ें बराबर-बराबर क्वांटिटी में ली जाती हैं और इनको पाउडर करके तैयार किया जाता है त्रिफला।
त्रिफला को आपको रात को सोते समय बिल्कुल, जब आप सोने के लिए लेट, उससे जस्ट पहले आपको लेना है। ये त्रिफला पाउडर करीब 5 ग्राम, यानी एक चम्मच त्रिफला पाउडर आप ले लीजिए और इसको मिला लीजिए एक गिलास गर्म पानी के अंदर। अगर आप मिलाना नहीं चाहते हैं, तो आप डायरेक्टली भी फांक सकते हैं। मुंह में अपने एक चम्मच ये त्रिफला पाउडर आप डालिए और ऊपर से गर्म पानी पी लीजिए और इसको स्वॉलो कर लीजिए एज़ इट इज़। या फिर आप इसे पानी में भी मिला सकते हैं और उसके बाद भी इसको इस्तेमाल कर सकते हैं।
त्रिफला पाउडर जो है दोस्तों, यह क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन के लिए एक बहुत ही अचूक होम रेमेडी है। अगर आप इसको रेगुलर इस्तेमाल करेंगे, तो इससे क्या होगा कि कॉन्स्टिपेशन की जो शिकायत बहुत आम तौर पे पाइल्स के पेशेंट्स के अंदर मिलती है, वो ठीक होनी शुरू हो जाएगी। और इसके साथ-साथ जो त्रिफला पाउडर है, इसके अंदर ऐस्ट्रिजेंट प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं। ऐस्ट्रिजेंट प्रॉपर्टी का मतलब है कि यह आपकी नसों के अंदर कसाव पैदा करता है और ब्लीडिंग को रोकने का काम करता है। और यह सभी चीज़ें मिलकर आपको पाइल्स के केस में काफी अच्छे रिजल्ट प्रोवाइड करती हैं।
तो दोस्तों, रात में आपको क्या-क्या करना है, वह तो आप समझ गए हैं। पहली चीज़ आपको करना है, एक ग्लास गर्म दूध के अंदर आपको कैस्टर ऑयल मिलाकर लेना है सोने से एक घंटा पहले और बिल्कुल सोते टाइम आपको त्रिफला पाउडर लेना है पानी के साथ।अब रात में तो आपको यह सब करना है।
3. सुबह का उपचार: सौंफ और हींग का फॉर्मूला
सुबह में, जब दोस्तों आप सवेरे उठेंगे, तो आपको इस्तेमाल करना है एक फॉर्मूला, जिसका जो नुस्खा है, वह मैं आपको अभी बता देता हूं। इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको चाहिए सौंफ और हींग।
सबसे पहले आपको क्या करना है:
- थोड़ी सी सौंफ ले लीजिए, 100 ग्राम या 200 ग्राम, जितना भी आप चाहें, उतनी सौंफ ले लीजिए और इसको एक नॉन-स्टिकी तवे के ऊपर आप हल्के से रोस्ट कर लीजिए। बहुत हल्की आंच पे आपको रोस्ट करना है, तेज आंच पे रोस्ट नहीं करना है। जलनी नहीं चाहिए। बिल्कुल हल्की-हल्की ब्राउनिश सा कलर आपकी सौंफ के ऊपर आ जाना चाहिए।
- इसको रोस्ट करने के बाद आप एक मिक्सर ग्राइंडर के अंदर डालिए सौंफ को और उसको अच्छी तरह से पीस लीजिए।
- जब ये सौंफ आपकी अच्छी तरह से पीस जाए, तो उसको एक सूती कपड़े के अंदर या किसी बारीक छन्नी के अंदर आप छान लीजिए और ये जो फाइन पाउडर आपको मिला है, इस फाइन पाउडर को आप एक एयर टाइट कंटेनर के अंदर स्टोर करके रख लीजिए।
- रोज़ाना सुबह जब भी आप उठते हैं, तो एक चम्मच आपको लेना है यह पाउडर सौंफ का और इसके अंदर आपको मिलाना है एक चुटकी हींग। ये दोनों चीज़ें मिलाके आपको सुबह खाली पेट एक चम्मच फांकना है और ऊपर से गुनगुना पानी आपको पी लेना है।
सौंफ जो है दोस्तों, ये आपके डाइजेस्टिव ट्रैक्ट के लिए एक बहुत अच्छी चीज़ है और पाइल्स में भी इसका काफी अच्छा इफेक्ट मिलता है। आपके पेट में जो कॉन्स्टिपेशन होता है, उसको भी कम करती है, सूजन को भी कम करती है और ओवरऑल जो आपका डाइजेशन है, उसको इंप्रूव करके लीवर को भी स्ट्रेंथ करती है सौंफ। इसके साथ-साथ जो हींग है, ये एक बहुत ही बढ़िया आयुर्वेदिक रेमेडी मानी जाती है पाइल्स के लिए। ये आपके पाइल्स के अंदर होने वाली जलन को, दर्द को और सूजन को तो ठीक करती ही करती है, इसके साथ-साथ अगर आपको ब्लीडिंग पाइल्स है, तो उस केस में भी इसका काफी अच्छा इफेक्ट देखा जाता है और जो पाइल्स का मास है, उसको श्रिंक करने में भी काफी ज्यादा इफेक्टिव मानी जाती है हींग।
तो यह जो फॉर्मूला है, इन दोनों चीज़ों को मिलाने के बाद यह आपको लेना है सुबह खाली पेट, नाश्ता करने से करीब आधा घंटे पहले।
इन उपायों का प्रभाव
दोस्तों, ये तीनों चीज़ें, यानी कैस्टर ऑयल, त्रिफला और ये तीसरा जो रेमेडी मैंने आपको बताई सौंफ और हींग वाली, ये तीनों चीज़ें आपको करीब दो हफ्ते तक रेगुलर इस्तेमाल करनी हैं और विद इन टू वीक्स ही आप देखेंगे कि आपकी पाइल्स के पेन में, स्वेलिंग में, अगर आपको ब्लीडिंग होती है, तो ब्लीडिंग के केस में, या फिर अगर आपको ब्लीडिंग नहीं है और सिर्फ बादी बवासीर है, वहां पे मवाद या कुछ ऐसा रिसाव होता है, तो उन सभी केसेज़ में आपको काफी ज्यादा अच्छे रिजल्ट्स मिलेंगे।
विदन टू वीक्स ही आपको मोस्ट प्रोबेबली ये इफेक्ट्स दिखने लग जाते हैं। लेकिन इट ऑल डिपेंड्स कि आपको कितने समय से प्रॉब्लम है और कितनी ज्यादा सीवियर प्रॉब्लम है। कोई भी प्रॉब्लम जितनी ज्यादा पुरानी होती है, उसको ठीक करना भी उतना ही ज्यादा मुश्किल होता है और वह ठीक होने में उतना ही ज्यादा टाइम भी लेती है। तो अगर आपको ज्यादा ही पुरानी पाइल्स हैं, या ऑलरेडी आपकी सर्जरीज़ हो चुकी हैं, या फिर आप थर्ड ग्रेड पाइल्स के पेशेंट हैं, तो उस केस में आपको थोड़ा पेशेंस रखने पड़ सकते हैं और आपको दो हफ्ते से ज्यादा वक्त भी लग सकता है।
इसके साथ-साथ दोस्तों, अगर आपकी प्रॉब्लम ज्यादा सीरियस है, तो आप जो लोकल अप्लाई कर रहे थे कैस्टर ऑयल, वो आप बजाय एक टाइम के दो टाइम भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी रात को सोते टाइम तो आप लगाएंगे ही लोकली अपने पाइल्स के ऊपर, आप सुबह के टाइम में भी नहाने के बाद उसको इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर राहत न मिले तो क्या करें?
दोस्तों, अगर आपकी पाइल्स बहुत ही ज्यादा सीरियस है और आपको इन घरेलू रेमेडीज़ से या किसी भी ट्रीटमेंट से फायदा नहीं हो रहा है, या फिर आपकी पाइल्स बार-बार रिकरेंस करता रहता है—जैसे कि आप दवाई लेते हैं या कोई ट्रीटमेंट करते हैं, वो कुछ टाइम के लिए ठीक हो जाती है और फिर वापस आ जाती है—तो ऐसे में आपको एक खास और इफेक्टिव ट्रीटमेंट की जरूरत हो सकती है। यहाँ मैं आपको एक दावा के बारे में बताना चाहता हूँ, जिसका नाम है "Piles Support"। यह मेरा एक ट्रस्टेड एफिलिएट दावा है, जो खासतौर पर पाइल्स के मरीज़ों के लिए बनाया गया है।
Piles Support क्या है?
"Piles Support" एक आयुर्वेदिक फॉर्मूला है, जिसमें नेचुरल जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। यह दावा आपके पाइल्स के दर्द, सूजन, जलन और ब्लीडिंग को कम करने में मदद करता है। साथ ही, यह आपके डाइजेशन को बेहतर करता है और कॉन्स्टिपेशन की समस्या को जड़ से खत्म करने में सहायक है, जो कि पाइल्स का सबसे बड़ा कारण होता है। इसे रेगुलर यूज़ करने से न सिर्फ आपके पाइल्स के मास में कमी आती है, बल्कि यह रिकरेंस को भी रोकने में बहुत कारगर है।
अगर आप इन तीनों घरेलू उपायों—कैस्टर ऑयल, त्रिफला और सौंफ-हींग के फॉर्मूले—को आज़मा रहे हैं और फिर भी आपको पूरा आराम नहीं मिल रहा, तो मैं आपको सजेस्ट करूँगा कि "Piles Support" को एक बार ज़रूर ट्राई करें। इसे आप आसानी से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं ये मेरी एफिलिएट दावा है और इसके इस्तेमाल से कई लोगों को बेहतरीन रिज़ल्ट्स मिले हैं। इस प्रोडक्ट को खरीदने का लिंक मैंने नीचे कमेंट बॉक्स में दिया है, आप चाहे तो वहाँ से डायरेक्टली इसे चेक कर सकते हैं।(डॉक्टर की राय ले)
यह दावा न सिर्फ नेचुरल है, बल्कि आपके लिए सर्जरी से बचने का एक आसान और सुरक्षित ऑप्शन भी हो सकता है। तो अगर आप पाइल्स से परेशान हैं और कुछ ऐसा चाहते हैं जो तेज़ी से काम करे, तो "Piles Support" आपके लिए एकदम सही हो सकता है।
अंतिम बात
तो दोस्तों, मुझे उम्मीद है की यह जबाब आपको जरूर पसंद आया होगी और इसमें बताए गए जो नुस्खे हैं—कैस्टर ऑयल, त्रिफला और सौंफ-हींग का फॉर्मूला—ये आपको जरूर पसंद आए होंगे। अगर इनको यूज़ करने के बाद भी आपको और बेहतर रिज़ल्ट चाहिए, तो "Piles Support" को ज़रूर आज़माएँ। इसके लिंक के लिए कमेंट बॉक्स चेक करें। इन ट्रीटमेंट्स से आपको जो रिझल्ट मिलेंगे, वो आप हमारे साथ ज़रूर शेयर करेंगे।
दोस्तों, अगर इस ट्रीटमेंट से रिलेटेड, या पाइल्स से रिलेटेड, या किसी भी और चीज़ से रिलेटेड आपका कोई सवाल है, या फिर कुछ ऐसे टॉपिक्स हैं, जिनके बारे में आप चाहते हैं कि मैं आपके लिए जबाब दू, तो कमेंट सेक्शन में हमसे अपने जो थॉट्स हैं, वह शेयर करना ना भूलिए।
तो चलिए, इसी के साथ मैं आपसे विदा लेता हूं इस वादे के साथ कि फिर मिलूंगा Quora पर एक नई बढ़िया जबाब के साथ। तब तक के लिए अपना बहुत ध्यान रखिए, हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए, रोज़ कुछ ना कुछ नया सीखते रहिए, ताकि आप रह सकें हेल्दी हमेशा