Monday, March 11, 2013

पीपल व हिन्दू धर्म

पवित्र एवं औषधीय वनस्पति
पीपल - गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है 'वृक्षाणां  अश्व्त्थोऽहं' - यानि 'वृक्षों में मैं अश्वत्थ अर्थात पीपल हूँ'. पीपल का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व इतना अधिक है कि उसे शब्दों में बता पाना कठिन है.
     पीपल का पेड़ सर्वाधिक मात्रा में ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है और यहाँ तक कि रात्रि में कार्बन डाइऑक्साइड  का उत्सर्जन भी अति न्यून मात्रा में करता है। विज्ञान में इस प्रक्रिया को क्रासलेसियन एसिड मेटाबोलिज्म के नाम से जाना जाता है। एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण से पता चलता है कि पीपल के पेड़ से भारी मात्रा में आयसोप्रिन नामक रासायनिक तत्त्व का उत्सर्जन होता है।यह रसायन वायुमंडल की ओजोन परत को नियंत्रित करता है। प्रयोग से पता चलता है कि ओजोन परत के विनाश को बचाने के लिए पीपल के पेड़ों को लगाना एक कारगर समाधान है। पीपल के पेड़ के आसपास का वातावरण अत्यंत शुद्ध, सात्त्विक एवं स्वच्छ  होता है।
      दिन में एनएरोविक (वात अनपेक्षी) श्वसन क्रिया तथा रात में एरोविक (वातापेक्षी) श्वसन क्रिया के कारण चौबीस घण्टे आक्सीजन देता है। अल्जाइमर के एंजाइम की गतिशीलता रोक सकता है पीपल का पेड़!
आदमी की याददाश्त को लुप्त कर देने वाली बीमारी अल्जाइमर से जूझ रहे लोगों के लिए चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की छात्रा के शोध से उम्मीद की किरण जगी है। शोध में सामने आया है कि अल्जाइमर के एंजाइम की गतिशीलता को रोकने में पीपल कारगर साबित हो सकता है। पेटेंट की कागज़ी कार्यवाही पूरी हो चुकी है। इसके बाद अल्जाइमर की नई दवा का रास्ता खुल जाएगा।
विश्वविद्यालय के बायोटेक विभाग ने पीपल के पेड़ की मेडिसिन प्रॉपर्टी पर शोध किया है। पीपल के तने से लिए गए टिश्यू में ऐसा तत्त्व खोजने में कामयाबी मिली है, जो अल्जाइमर रोग के एंजाइम की गतिशीलता को थाम सकता है। 'एसिटाइल कोलिनएस्तरेज' नामक यह एंजाइम अल्जाइमर रोगी के शरीर में लगातार गतिशील रहता है। पीपल में इस एंजाइम की गतिशीलता रोकने वाले तत्त्व को खोजा है शोधार्थी अनीता रानी गिल और उनकी गाइड एसोसिएट प्रोफेसर प्रियंका सिवाच ने।


अनीता रानी गिल


अनीता ने बताया कि पीपल के तने से एक सेंटीमीटर लम्बे टिश्यू से लैब में कई पीपल तैयार किये गए। इससे छह महीने में चार-पांच फुट लम्बे कई पीपल तैयार हो गए। लैब में तैयार किये गए बैक्टीरिया व फंगस रहित पीपल के टिश्यू से दो तरह के सोर्स बनाये गए। एक, कैलेस कल्चर व दूसरा हेयरी रूट कल्चर। इन सोर्स का अल्जाइमर के एंजाइम पर इस्तेमाल करके देखा तो आश्चर्यजनक नतीजे  सामने आये। पीपल के सोर्स से एंजाइम की गतिशीलता और वृद्धि पर 50 और इससे भी ज्यादा प्रतिशत रोकने में कामयाबी मिली। शोध को इस मुकाम तक पहुँचाने में करीब चार साल लगे। सब ठीक रहा तो अल्जाइमर-रोधी दवा का रास्ता साफ़ हो जाएगा।
डॉक्टर प्रियंका ने बताया की केलेस कल्चर और हेयरी रूट कल्चर नाम से दोनों शोध का पेटेंट करा दिया गया है। इनका पेटेंट नंबर क्रमश: 4027/डीईएल/2012 और 4028/डीईएल/2012 है।
इसलिए लैब में तैयार किये पीपल
अनीता का मानना है कि पीपल आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसे काटा नही जा सकता। भारतीय संस्कृति में पीपल का वृक्ष बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में टिश्यू से लैब में पीपल तैयार किये गए। आयुर्वेद में पीपल की मेडिसिन प्रॉपर्टी 50 से ज्यादा रोग के निदान में कारगर बताई गयी है।
तेज़ी से बढ़ रहा है अल्जाइमर
स्मरण शक्ति खत्म होने और सामान्य उच्चारण में दिक्कत पैदा कर देने वाला यह रोग विश्व में तेज़ी से फैल रहा है। यह रोग अमूमन 60 साल और इस से ज्यादा आयु में होता है। 65 साल से ज्यादा की उम्र वाले हर दसवें आदमी में से एक अल्जाइमर से पीड़ित है।

Friday, March 8, 2013

सौन्दर्य प्रसाधनौ से सावधान


लंदन के वैज्ञानिकों द्वारा किये गये शोधकार्यो से यह सिद्ध हुआ है कि लिपिस्टिक में ऐसे रायायनिक पदार्थों का प्रयोग किया जाता है जिससे कैंसर की संभावनायें बढ़ जाती हैं। ब्रिटिश समाचार डेली मेल में फिलाडोल्फिया के फाक्सचेंज कैंसर केन्द्र की रिपोर्ट से पता चला है कि लिपिस्टिक में ब्युताहल बेंजाइल थामलेट (बी.बी.पी.) - नामक रसायन पदार्थ की उपस्थिति स्तर ऊतक (टिश्यु) के विकास में अवरोध बनती हे। बी.बी.पी. का प्रयोग लिपिस्टिक को चमकदार बनाने के लिए किया जाता है। ब्रिटेन में पांच सौन्दर्य प्रसाधनों में से चार में इसकी मात्रा मौजूद रहती है।



दोस्तो अगर fair & lovely से गोरापन आता तो ये अफ्रीका वाले क्यूँ काले है ??? एक बात हमेशा याद रखे !दुनिया मे fair & lovely लागने से कोई आदमी गोरा हुआ नहीं और आगे होने की कोई संभावना नहीं !

क्यूंकि गोरा और काला होने का सिद्धांत ही अलग है !हमारे रक्त (blood) मे एक कैमिकल होता है उसका नाम है Melanin ! जब melanin की मात्रा बढ़ जाती है तो शरीर काला पड़ जाता है और जब melanin की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर गोरा हो जाता है ! और जब melanin की मात्रा न बढ़ती है न कम होती है तो शरीर सांवला हो जाता है ! हम सब हिन्दुस्तानी साँवले है क्यूंकि melanin की मात्रा न ज्यादा है न कम ! और आदर्श(prefect) स्थिति यही होती है !!

हमारे देश मे एक राष्ट्रपति थे डा राधा कृष्णन ! वो एक बार लंदन गए वहाँ अंग्रेज़ पत्रकारो ने उन्हे चिढ़ाने के लिए एक सवाल पूछा ! आप हिन्दुस्तानी काले क्यूँ होते है ?? तो डाक्टर राधा कृष्णन ने इतना सुंदर जवाब दिया वो आप सबको देना !
उन्होने कहा हम हिन्दुस्तानी काले नहीं होते कुछ और होते है ! अंग्रेज़ ने पूछा तो क्या होते है ???डाक्टर राधा कृष्णन ने एक कहानी सुनाई !
उन्होने ने कहा भगवान जी ने रोटी बनाई और वो कच्ची रह गई वो सब खाकर तुम सब अंग्रेज़ पैदा हुए !

भगवान जी ने फिर एक रोटी बनाई वो जल गई उसको खाकर ये अफ्रीकी पैदा हुए !

और फिर भगवान जी ने तीसरी रोटी बनाई वो न जाली न कच्ची रही बराबर सिकी !
उसे कहकर हम हिन्दुस्तानी पैदा हुए !
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तो हम काले नहीं साँवले है और आज विज्ञान ने स्वीकार किया है कि साँवले रंग वालों को त्वचा का कैंसर होने की संभावना सबसे कम होती है !कारण क्या है खून मे melanin की मात्रा सबसे perfect हमारी ही है !!इसलिए अपने साँवले होने पर गर्व करो इसे हीन भावना से मत देखो !

और बार - बार ध्यान करो !
कि भगवान शंकर जी साँवले ! भगवान राम साँवले ! भगवान कृष्ण साँवले !
तो हम गोरे होकर करेंगे क्या ??????? हम तो साँवले ही अच्छे !

और जब ये बात मन मे बैठ जाये कि हम तो साँवले ही अच्छे है तो फिर ये fair & lovely की जरूरत क्या ?? ये तो गोरा बनाने वाली क्रीम है :P

और दोस्तो जब ये विज्ञापन बार - बार tv पर आता है न ! कि fair & lovely लगाओ आप दो दिन मे गोरे हो जाओगे 3 दिन मे हो जाओगे 1 महीने मे गोरे हो जाओगे ! तो इसको देख भारत की करोड़ो काली माँ ,बहन , बेटियो की छाती पर आड़ी चलती है ! आप इसको महसूस करो !

आप तो जानते हैं हमारा हिंदुस्तान तो 121 करोड़ की आबादी का है और उसमे 50 करोड़ तो माताए बहने हैं और उनमे से 40 से 45 करोड़ मताए ,बहने या तो काली है या साँवली है ! उनके दिलो पर कटार चलती है जब वो ये विज्ञापन देखती है ! हाय रे हाय गोरेपन की क्रीम fair lovely

और फिर उन माताओ बहनो को लगता है कि गोरे होने से ही जिंदगी सवर्ती है और आपको जानकार हैरानी होगी कई बहने ने सिर्फ इस बात के कारण आत्म ह्त्या कि काले रंग के कारण उनकी शादी नहीं हो पा रही थी !
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fair & lovely (
विदेशी कंपनी क ज़हर) के खिलाफ़ मद्रास हाईकोर्ट में केस ।
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राजीव दीक्षित जी का दोस्त जो होस्टल में उनके साथ पड़्ता था । 12 साल से fair and lovely लगा रहा था । फ़िर भी चिक्कट काला । और बोला होस्टल में आने से पहले भी 8 साल से लगा रहा है ।

राजीव भाई ने कहा कभी तो तु सुधरेगा । तो उसने कहा कल से fair and lovely बंद ।

राजीव भाई ने पूछा तेरे पास fair and lovely ख़रीदने का बिल है । उनसे
कुछ बिल निकाल कर दिये । जिसके आधार पर उन्होने मद्रास हाईकोर्ट में केस दर्ज कर दिया । पहले तो जज ने कहा मेरे घर में भी यही समस्या है :p ! लेकिन उसने बहुत सुंदर जजमेंट दिया !
कंपनी के अधिकारियो को वहां जाना पड़ा । जज ने पूछा । कि आपने इसमे क्या मिलाया है ।
जो काले को गोरा बना देती है । उन्होने बोला जी कुछ नहीं मिलाया । तो जज ने पुछा ये बनती कैसे है । तो उन्होने कहा( सूअर की चर्बी के तेल से )।

देश के पढ़े लिखे गवार विज्ञापन देख आपने मुँह पर सुअर की चर्बी का तेल थोप रहे है । और अपने आप को बहुत होशियार समझ रहे है !!
और यह कितनी महंगी है !!

25
ग्राम 40 रुपए की
मतलब 50 ग्राम 80 रूपये की
और 100 ग्राम 160 रूपये की !
मतलब 1600 रूपये की 1 किलो !!

देश के पढे लिखे ग्वार लोग 1600 रूपये किलो का सूअर की चर्बी का तेल मुह पर थोप रहे हैं लेकिन 400 -500 रूपये किलो बादाम या काजू नहीं खा रहे !!!!

मित्रो सुंदरता fair and lovely मे नहीं है सुंदरता करीम पाउडर या लिपस्टिक में नहीं है !!
सुंदरता गुण कर्म और सुभाव में होती है !!

आपके गुण अच्छे है कर्म अच्छे है सुभाव अच्छा है तो आप बहुत सुंदर है !!