Friday, July 14, 2023

हार्ट अटैक -Heart Attack का मुख्य कारण और समाधान

हार्ट अटैक -Heart Attack: भारत में 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे। नाम था महाऋषि वागवट जी उन्होंने एक पुस्तक लिखी, जिसका नाम है, अष्टांग हृदयम Astang hrudayam इस पुस्तक में उन्होंने बीमारियों को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखें थे। यह उनमें से ही एक सूत्र है। वागवट जी लिखते हैं कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब है कि रक्त blood में acidity अम्लता बढ़ी हुई है अम्लता आप समझते हैं, जिसको अँग्रेजी में कहते हैं acidity अम्लता दो तरह की होती है एक होती है पेट की अम्लता और एक होती है रक्त blood की अम्लता आपके पेट में अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट में जलन सी हो रही है, खट्टी खट्टी डकार आ रही हैं , मुंह से पानी निकल रहा है और अगर ये अम्लता acidity और बढ़ जाये तो hyperacidity होगी और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त में आती है तो रक्त अम्लता blood acidity होती है और जब blood में acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त blood दिल की नलियों में से निकल नहीं पाती और नलियों में blockage कर देता है तभी heart attack होता है इसके बिना heart attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है ! इलाज क्या है ? वागवट जी लिखते हैं कि जब रक्त (blood) में अम्लता (acidity) बढ़ गई है तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय हैं आप जानते हैं दो तरह की चीजें होती हैं अम्लीय और क्षारीय ! acidic and alkaline अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो क्या होता है ? acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है ? neutral होता है सब जानते हैं तो वागवट जी लिखते हैं कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (alkaline) चीजें खाओ ! तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी ! और रक्त में अम्लता neutral हो गई ! तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं ! ये है सारी कहानी !

For more detail read the book स्वस्थ भारत part I & II. Cost 200Rs for both. 

email: rkavishwamitra@gmail.com



Wednesday, June 14, 2023

राबिया बसरी एक मशहूर फ़क़ीर हुई है! जवानी में वह बहुत खूबसूरत थी

 एक बार चोर उसे उठाकर ले गए और एक वेश्या के कोठे पर ले जाकर उसे बेच दिया।अब उसे वही कार्य करना था जो वहाँ की बाक़ी औरते किया करती थी।इस नए घर में पहली रात को उसके पास एक आदमी लाया गया। उसने फौरन बातचीत शुरू कर दी।

"आप जैसे भले आदमी को देखकर मेरा दिल बहुत खुश है " वह बोली। "आप सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ जायें , मैं थोड़ी देर परमात्मा की याद में बैठ लूँ। अगर आप चाहें तो आप भी परमात्मा की याद में बैठ जाएँ।"

यह सुनकर उस नौजवान की हैरानी की कोई हद न रही। वह भी राबिया के साथ ज़मीन पर बैठ गया।

फिर राबिया उठी और बोली- "मुझे विश्वास है कि अगर मैं आपको याद दिला दूँ कि एक दिन हम सबको मरना है तो आप बुरा नहीं मानोगें। आप यह भी भली भाँति समझ लें की जो गुनाह करने की आपके मन में चाह है , वह आपको नर्क की आग में धकेल देगा। आप खुद ही फैसला कर लें कि आप यह गुनाह करके नर्क की आग में कूदना चाहते हैं, या इससे बचना चाहते हैं?"

यह सुनकर नौजवान हक्का बक्का रह गया।उसने संभलकर कहा, "ऐ नेक और पाक औरत! तुमने मेरी आँखे खोल दी, जो अभी तक गुनाह के भयंकर नतीजे की और बंद थी मै वादा करता हूँ कि फिर कभी कोठे की तरफ कदम नही बढ़ाऊंगा।"

हर रोज नए आदमी राबिया के पास भेजे जाते। पहले दिन आये नौजवान की तरह उन सबकी जिंदगी भी पलटती गयी।

उस कोठे के मालिक को बहुत हैरानी हुई की इतनी खूबसूरत और नौजवान औरत है और एक बार आया ग्राहक दोबारा उसके पास जाने के लिए नही आता।

जबकि लोग ऐसी सुन्दर लड़कियों के दीवाने होकर उसके इर्दगिर्द ऐसे घूमते है जैसे परवाने शमा के इर्दगिर्द।

यह राज जानने के लिए उसने एक रात अपनी बीवी को ऐसी जगह छुपाकर बिठा दिया, जहां से वह राबिया के कमरे के अंदर सब कुछ देख सकती थी। वह यह जानना चाहता था की जब कोई आदमी राबिया के पास भेजा जाता है तो वह उसके साथ कैसे पेश आती है?

उस रात उसने देखा कि जैसे हीं ग्राहक ने अंदर कदम रखा, राबिया उठकर खड़ी हो गई और बोली,"आओ भले आदमी, आपका स्वागत है। पाप के इस घर में मुझे हमेशा याद रहता है कि परमात्मा हर जगह मौजूद है। वह सब कुछ देखता है और जो चाहे कर सकता है। आपका इस बारे में क्या ख्याल है ?"

यह सुनकर वह आदमी हक्का बक्का रह गया और उसे कुछ समझ न आया कि क्या करे ?

आखिर वह कुछ हिचकिचाते हुए बोला, हाँ पंडित और मौलवी कुछ ऐसा ही कहते हैं।

राबिया कहती गई, 'यहाँ गुनाहों से घिरे इस घर में, मैं कभी नही भूलती कि ख़ुदा सब गुनाह देखता है और पूरा न्याय भी करता है। वह हर इंसान को उसके गुनाहो की सजा देता है। जो लोग यहाँ आकर गुनाह करते है, उसकी सजा पाते हैं। उन्हें अनगिनत दुःख और मुसीबत झेलनी पड़ती है। मेरे भाई, हमें मनुष्य जन्म मिला है, भजन, बंदगी करने के लिए दुनिया के दुखों से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिये, ख़ुदा से मुलाकात करने के लिए, न की जानवरों से भी बदतर बनकर उसे बर्बाद करने के लिए।

पहले आये लोगों की तरह इस आदमी को भी राबिया की बातों में छुपी सच्चाई का अहसास हो गया। उसे जिंदगी में पहली बार महसूस हुआ की वह कितने घोर पाप करता रहा है और आज फिर करने जा रहा था।वह फूटफूट कर रोने लगा और राबिया के पाव पर गिरकर माफ़ी मांगने लगा।

राबिया के शब्द इतने सहज, निष्कपट और दिल को छू लेने वाले थे कि उस कोठे के मालिक की पत्नी भी बाहर आकर अपने पापो का पश्चाताप करने लगी।

फिर उसने कहा-" ऐ नेक पाक लड़की, तुम तो वास्तव में

फ़क़ीर हो। हमने कितना बड़ा गुनाह तुम पर लादना चाहा। इसी वक्त इस पाप की दलदल से बहार निकल जाओ।"

इस घटना ने उसकी अपनी जिंदगी को भी एक नया मोड़ दे दिया और उसने पाप की कमाई हमेशा के लिए छोड़ दी।

मालिक के सच्चे भक्त जहां कहीं भी हों, जिस हालात में हो, वे हमेशा मनुष्य जन्म के असली उद्देश्य की ओर इशारा करते हैं और भूले भटके जीवों को नेकी की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। 


By Lokesh Sharma

Monday, February 13, 2023

अपने आपको रोग मुक्त कैसे रखें?

 

  • पुराने समय में कम पढ़े लोग बात बात में मुहावरे द्वारा और तुकबंदी के माध्यम से अनेक संदेश छोड़ गए और किसी को याद रह गए, तो उन्होंने इसका संकलन कर सुरक्षित कर दिया।
  • ऐसी ही कुछ सूक्तियां कुछ पुरानी कबाड़े में मिली डायरियों से से लेकर प्रकाशित कर रहे हैं। गांव की ठेठ भाषा में में रोग मुक्ति के उपाय और

हानिप्रद पदार्थ

चैते गुड़, बैशाखे तेल। महुआ जेठ, असाढ़े बेल॥

सावन साग, न भादों मही। कुंवार करेला, कार्तिक दही॥

अगहन जीरा, पूस घना॥ माघ में मिश्री, फागुन चना॥

इन नियमों को, माने नहीं।मरे नहीं तो, परे सही ।

लाभप्रद पदार्थ

कार्तिक दूध, अगहन में आलू,

पूस पान और माघ रतालू।

फागुन शक्कर घी जो खाये।

चैत आंवला कच्चा चबाये।

बैशाखे जो खाय करेला,

जेठे दाख, असाढ़े केला।

सावन निशि में जब, तब खाये,

भादों ब्यार कबहिं नहीं पाये।

कार कामना देय बचाय,

तो सत वर्ष आयु हो जाय ।

काली खांसी का घरेलू इलाज

काली मिर्च महीन पिसावे,

आक-पुष्प और शहद मिलाय।

चटनी भोजन प्रथमहि खावे,

सूखी खांसी झट मिट जाय।।

पुराने असाध्य रोग का इलाज

छोटी पीपर शहद में, नित्य नियम सो खावे।

प्रातः निहार मुंह जो खावे, दमा, श्वास मिट जावे।

सोंठ कुलंजन, मिर्च, बच, पीपर, पतरज, पान।

इन्हें कूट गोली करे, श्वास, कांस की हान।

इमली की पत्ती हरी, रत्ती हींग मिलाये,

सैंधा नमक मिलाय के काढ़ा लेय बनाय,

जब चौथाई जल रहे, गरम-गरम पी जाय।

यहि प्रकर कुछ दिन पिए, सूखी खांसी जाय।

भोजन में अरुचि

किशमिश एक छटांक ले, दीजे रात्रि भिगोय। प्रातः नमक संग खाइए, काली मिर्च मिलाय। पुनः छटांक भिगोइए, और मट्ठा आधा सेर । व्रत रहकर निशि खाइए, महीनेभर दो बेर।

नेत्र रोग की देशी आयुर्वेदिक दवा

अदरक तथा प्याज रस, सिर्स पात रस लाय।

रोग रतौंधी दूर हो, नेत्रन इक माह लगाय॥

आप एक बार EYEKEY Malt के बारे में भी गुगल पर सर्च करें।

नपुंसकता और धातु रोग नाशक चिकित्सा

प्रतिदिन तुलसी बीज जो, पान संग नित खाय।

रक्त, धातु दोनों बढ़ें, नामर्दी मिट जाय।

BFeral Gold Malt के बारे एम3न गुगल पर आर्टिकल पढ़ें।

ज्वर बुखार का इलाज

ग्यारह तुलसी पत्र जो, स्याह मिर्च संग चार।

तो मलेरिया इकतारा, मिटे सभी विकार।

Tuesday, January 24, 2023

Surrender To God

 


*एक कहानी*

👏🏻 *विश्वास की* 👏🏻

*एक राजा बहुत दिनों से पुत्र की प्राप्ति के लिए आशा लगाए बैठा था लेकिन पुत्र नहीं हुआ, उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग लेने को कहा*

*सुझाव मिला कि किसी बच्चे की बलि दे दी जाए तो पुत्र प्राप्ति हो जायेगी*

*राजा ने राज्य में ढिंढोरा पिटवाया कि जो अपना बच्चा देगा,उसे बहुत सारा धन दिया जाएगा*

*एक परिवार में कई बच्चें थे,गरीबी भी थी।एक ऐसा बच्चा भी था, जो ईश्वर पर आस्था रखता था तथा सन्तों के सत्संग में अधिक समय देता था*

*परिवार को लगा कि इसे राजा को दे दिया जाए क्योंकि ये कुछ काम भी नहीं करता है,हमारे किसी काम का भी नहीं है*

*इसे देने पर राजा प्रसन्न होकर बहुत सारा धन देगा*

*ऐसा ही किया गया, बच्चा राजा को दे दिया गया*

*राजा के तांत्रिकों द्वारा बच्चे की बलि की तैयारी हो गई*

*राजा को भी बुलाया गया, बच्चे से पूछा गया कि तुम्हारी आखिरी इच्छा क्या है ?*

*बच्चे ने कहा कि मेरे लिए रेत मँगा दिया जाए, रेत आ गया*

*बच्चे ने रेत से चार ढेर बनाए, एक-एक करके तीन रेत के ढेरों को तोड़ दिया और चौथे के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया,उसने कहा कि अब जो करना है करें*

*यह सब देखकर तांत्रिक डर गए उन्होंने पूछा कि ये तुमने क्या किया है ?*

*पहले यह बताओ, राजा ने भी पूछा तो बच्चे ने कहा कि पहली ढेरी मेरे माता-पिता की है, मेरी रक्षा करना उनका कर्त्तव्य था परंतु उन्होंने पैसे के लिए मुझे बेच दिया इसलिए मैंने ये ढेरी तोड़ी दी*

*दूसरी मेरे सगे-सम्बन्धियों की थी, उन्होंने भी मेरे माता-पिता को नहीं समझाया*

*तीसरी आपकी है राजा क्योंकि राज्य की प्रजा की रक्षा करना राजा का ही धर्म होता है परन्तु राजा ही मेरी बलि देना चाह रहा है तो ये ढेरी भी मैंने तोड़ दी*

*अब सिर्फ अपने सद्गुरु और ईश्वर पर ही मुझे भरोसा है इसलिए यह एक ढेरी मैंने छोड़ दी है*

*राजा ने सोचा कि पता नहीं बच्चे की बलि देने के पश्चात भी पुत्र प्राप्त हो या न हो, तो क्यों न इस बच्चे को ही अपना पुत्र बना ले*

*इतना समझदार और ईश्वर-भक्त बच्चा है इससे अच्छा बच्चा कहाँ मिलेगा ?*

*राजा ने उस बच्चे को अपना पुत्र बना लिया और राजकुमार घोषित कर दिया*

*जो ईश्वर और सद्गुरु पर विश्वास रखते हैं, उनका बाल भी बाँका नहीं होता है*

*हर मुश्किल में एक का ही जो आसरा लेते हैं, उनका कहीं से किसी प्रकार का कोई अहित नहीं होता है*

*सभी रिश्ते झूठे हो सकते हैं पर एक सहारा ही प्रभु-परमात्मा का ही सत्य है*

Thursday, January 12, 2023

असाधारण व्यक्तित्व

 with thanks from Shri Rakesh Sawant

असाधारण व्यक्तित्व वाले व्यक्ति कौन-कौन से है ,जिनके बारे में सभी भारतीयों को जानना चाहिये?

क्या आप यकीन कर सकते हैं जो व्यक्ति प्रधानमंत्री के साथ है धोती कुर्ता सिर पर टोपी और नंगे पैर चल रहा है वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, लग रहै है साधारण पर, हैं असाधारण, यह हैं परमाणु भौतिक शास्त्र में स्वर्ण पदक जीतने वाले 'संभाजी राव भीडे'

जो पुना के 'फरग्यूसन कालेज' में प्रोफेसर हैं।

अभी तक उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है, उन्होंने 67 से ज्यादा लोगों को परमाणु विज्ञान में शोध करने वालों को मार्गदर्शन किया है, अमेरिका की सरकार द्वारा NASA और पेंटागन में सलाहकार बनाया गया है आज तक इतना बड़ा सम्मान किसी भारतीय को नहीं मिला है।

अब महाराष्ट्र में 10 लाख विद्यार्थियों को मार्गदर्शन के द्वारा समाज सेवा करने का संकल्प लिया है और चप्पल नहीं पहनना ऐसा तय किया है।

आज के ऋषि तुल्य व्यक्ति को जानना तथा लोगों तक जानकारी पहुंचाना चाहिए यह जरूरी है, ऐसे महान व्यक्ति जिसने मरते दम तक भारत माता की सेवा में अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देने का निश्चय किया है, इनके बारे ज्यादा जानकारी के लिए आप विकिपीडिया

 पर जाकर पढ़ सकते है।

धन्य है वे जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के लिए दान कर दिया, बहुत ही कम लोग ऐसा करने का साहस रखते है।

Friday, January 6, 2023

भारत_पाकिस्तान_युद्ध_और_शास्त्री_जी

 दो घंटे युद्ध और चलता तो भारत की सेना लाहौर पर कब्जा कर लिया होता ! लेकिन तभी पाकिस्तान को लगा की जिस रफ्तार से भारतीय सेना आगे बढ रही है, हमारा तो पुरा अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा !

(भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 का युद्ध, भारत पाकिस्तान युद्ध का भाग -- तिथि- अगस्त सितम्बर 1965 - स्थान भारतीय उपमहाद्वीप परिणाम- संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के द्वारा युद्ध विराम)

तभी पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा की वो किसी तरह से युद्ध रुकवा दे !

अमेरिका जानता था की शास्त्री जी इतनी जल्दी नही मानने वाले, क्युंकि वो पहले भी दो तीन बार भारत को धमका चुका था !

धमका कैसे चुका था ??

अमेरिका से गेहुं आता था भारत के लिए PL 48 स्किम के अंडर ! PL 48 का मतलब -- Public Law 48 - जैसे भारत मे संविधान मे धाराएं होती है ऐसे ही अमेरिका मे PL होता है ! तो बिल्कुल लाल रंग का सडा हुआ गेहुं अमेरिका से भारत आता था !

और ये समझौता नेहरु ने किया था !

जिस गेहुं को अमेरिका मे जानवर भी नही खाते थे, उसे भारत के लोगो के लिए आयात करवाया जाता था ! आपके घर मे कोई बुजुर्ग हो तो आप उनसे पुछ सकते है ! - कितना घटिया होता था वो

तो अमेरिका ने भारत को धमकी दी की हम भारत को गेहुं देना बंद कर देंगे !

तो शास्त्री जी ने कहा....हां बंद कर दो, फिर कुछ दिन बाद अमेरिका का बयान आया कि अगर भारत को गेहुं देना बंद कर दिया तो भारत के लोग भुखे मर जायेंगे !

शास्त्री जी ने कहा की हम बिना गेहुं के भुखे मरे,

या अधिक खा के मरे, तुम्हे क्या तकलिफ है ??

हमे भुखे मरना पसंद होगा बशर्ते तुम्हारे देश का सडा हुआ गेहुं खा के ! एक तो हम पैसे भी पुरे दे, और उपर से सडा हुआ गेहुं खाये, नही चाहिए तुम्हारा गेहुं !

फिर शास्त्री जी ने दिल्ली मे एक रामलिला मैदान मे लाखो लोगो निवेदन किया कि एक तरफ पाकिस्तान से युद्ध चल रहा है, ऐसे हालातो मे देश को पैसो की जरुरत पडती है, सबलोग अपने फालतु खर्चे बंद करें ताकी वो domestic saving से देश को काम आये, या आप सीधे सेना के लिए दान दें !

और हर व्यक्ति सप्ताह मे एक दिन सोमवार का व्रत जरुर रखे ! तो शास्त्री जी के कहने पर देश के लाखों लोगों ने सोमवार को व्रत रखना शुरु कर दिया था !

हुआ ये कि हमारे देश मे ही गेहुं बढने लगा, और शास्त्री जी भी सोमवार का व्रत रखा करते थे ! शास्त्री जी ने जो लोगो से कहा, पहले उसका पालन खुद किया !

उनके घर मे काम वाली बाई आती थी, जो साफ सफाई और कपडे धोती थी, तो शास्त्री जी ने उसको हटा दिया, और बोले की देश हित को ध्यान मे रखते हुए मै अपने उपर इतना खर्चा नही कर सकता, मै खुद ही घर की सारी सफाई करुंगा ! क्युंकि उनकी पत्नी ललिता देवी बीमार रहा करती थी !

और शास्त्री जी अपने कपडे भी खुद धोते थे, उनके पास सिर्फ दो जोडी धोती कुर्ता ही थी !

उनके घर मे एक ट्यूटर भी आया करता था, उनके बच्चो को अंग्रेजी पढाया करता था ! तो शास्त्री जी ने उसे भी हटा दिया, तो उसने शास्त्री जी से कहा कि आपका बच्चा अंग्रेजी मे फेल हो जायेगा !

तब शास्त्री जी ने उससे कहा कि होने दो, देश के हजारो बच्चे अंग्रेजी मे ही फेल होते है, तो भारतीय अंग्रेजी मे फेल हो सकते है ये तो स्वाभाविक है, क्युंकि अपनी भाषा ही नही है ये !

एक दिन शास्त्री जी की पत्नी ने कहा कि आपकी धोती फट गई है, आप नई धोती ले आईये ! शास्त्री जी ने कहा बेहतर होगा की सुई धागा लेकर तुम इसको सिल दो, मै नई धोती लाने की कल्पना भी नही कर सकता ! मैने सबकुछ छोड दिया है, पगार लेना भी बंद कर दिया है, और जितना हो सके कम से कम मे घर का खर्च चलाओ !

अंत मे शास्त्री जी युद्ध के बाद समझौता करने ताशकंद गए, और फिर जिन्दा कभी वापस नही लौट पाये ! पुरे देश को बताया गया कि उनकी मृत्यु हो गई, जबकी उनकी हत्या की गई थी !

भारत मे शास्त्री जी जैसा सिर्फ एक मात्र प्रधानमंत्री हुआ जिसने अपना पुरा जीवन आम आदमी की तरह व्यतित किया ! और पुरी इमानदारी से देश के लिए अपना फर्ज अदा किया !

जिसने जय जवान जय किसान का नारा दिया !

क्योंकि उनका मानना था की देश के लिए अनाज पैदा करने वाला किसान और सीमा पर रक्षा करने वाला जवान दोनो देश के लिए सबसे ज्यादा महत्वपुर्ण है !

स्वदेशी की राह पर उन्होने देश को आगे बढाया, विदेशी कम्पनियों को उन्होने देश मे घुसने नही दिया ! अमेरिका का सडा गेहुं बंद करवाया !

ऐसा प्रधानमंत्री भारत को शायद ही कभी मिले ! अंत मे जब उनका pass book चेक कि गई तो सिर्फ 365 रुपये 35 पैसे थे उनके बैंक अकाउंट मे !

शायद आज कल्पना भी नही कर सकते की ऐसा नेता भारत मे हुआ !

मेरे आदर्श लालबहादुर शास्त्री जी को शत शत नमन !

#सनातन_संस्कृति_और_विज्ञान 🚩


Tuesday, December 27, 2022

बवासीर का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

 जिन लोगो को बवासीर मैं खुजली होती है, जलन होती है, खून निकळता है वो लोग आज ही इस इलाज को शूरू करे।

आब इस इलाज को करने के लिये आपको औषधी के दुकान से जात्यादी तेल लना है। ये तेल आपको बोहुत ही आसानी से मिल जयगा (आगर किसी कारण वाश नाही मिले तो मैं आपको इस तेल को ऑनलाइन खरिदनेका लिंक कॉमेंट मैं दे रहा हू।) इस तेल मैं दारू हल्दी, जटी पूत्र, नीम, करंज, यष्टी मधू, पद्मकाल, मोहरा ऐसे बहुत सारे वनस्पती का मिश्रण है।

आब इसका प्रयोग कैसे करे? तो सबसे पहिले एक थोडासा कपास का तुकडा ले ओर उस कपास को तेल मैं भिगो ले। आब उस कपास को बवासीर वाले जगाह पर आच्छेसे लागये। ये प्रयोग सुबाहा शौचालय से आने के बाद नाहा ले बाद मैं इसका प्रयोग करे ओर रात को सोने से पाहिले। पर ध्यान रखे के हर बार नया कपास का तुकडा ले।

इस जात्यादी तेल मैं अँन्टी बॅक्टरियाल ओर अँन्टी मायक्रो बॅक्टरियाल प्रॉपर्टी होती है। (कृपया इस तेल का सेवन ना करें)

अब इस तेल को कितने दीन तक लगणेका? वैसे तो ६,७ दीन के आंदर बवासीर १००% ठीक को जयगा। लेकीन आगर आपको बस आभी आभी सुर्वात होई है तो आपको १ दीन मैं ही फरक पडेगा ओर इस तेल को दुबारा लागणे की जरुरत भी नहीं पडेगी।

तुमको कोनसा भी बवासीर हो चाहे खून निकाल रहा हो या बवासीर पुरा बाहर आता हो या आंदर से कोंब निकला हो इस सारे प्रकार के बवासीर का इलाज पक्का हो जायेगा इसको इस बर आजमाकर जरूर देखे।

जात्यादी तेल का कोई भी साईड इफेक्ट नाही है। यह तेल पूरी तरह से आयुर्वेदिक है। 

with thanks from 

Akash Lahase

Sunday, September 25, 2022

लीवर की क्षति

 

क्या आप लीवर की क्षति को उलट सकते हैं?


एलोपैथी में ऐसा नहीं है कि लीवर को क्षति को उल्ट दिया जाए,,,

आयुर्वेदिक इलाज प्रणाली द्वारा यह संभव है।

आप को अगर लीवर में सूजन हेपेटाइटिस,, काला पीलिया है तो,,

आप बाजार से नागर मोथा ले आइए उसे मिक्सी में अच्छे से पीस लें,,,

आप आप खाना खाने के 1 घंटे बाद एक चम्मच नागर मोथा मुंह में रख ले और साथ में punervarist 6 चम्मच आधे कप पानी में डालकर इसी पानी से नागरमौथा खा जाय,,

इससे आपकी लीवर की सूजन हेपेटाइटिस और काला पीलिया ठीक हो जाएगा इससे आप 1 से 3 महीना लीजिए,, 6 महीने भी लेना पड़ सकता है। वैधकिए देख रेख में ले।🙏🙏

6 महीने की कोई बात नहीं है जब के एलोपैथी में काला पीलिया में डॉक्टरों के हाथ खड़े हो जाते हैं वहां आयुर्वेद काम करता है।

आयुर्वेद की तरफ रोगी तब आता है जब एलोपैथी दवाएं काम तमाम कर चुकी होती है।

फिर दोष दिया जाता है भारतीय इलाज प्रणाली को,

जब के बीमारी से पूर्ण छुटकारा आयुर्वेद ही दिलाता है,,,

इसलिए आयुर्वेदिक प्रणाली मुख्य इलाज प्रणाली होनी चाहिए और बाकी pathy इसकी सहायक होनी चाहिए।

Friday, August 12, 2022

पेट में गैस बनने के घरेलु उपाय

  • नीबू के रस में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर सुबह के वक्त खाली पेट पिएं।
  • काली मिर्च का सेवन करने पर पेट में हाजमे की समस्या दूर हो जाती है।
  • आप दूध में काली मिर्च मिलाकर भी पी सकते हैं।
  • छाछ में काला नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से भी गैस की समस्या में काफी लाभ मिलता है।
  • दालचीनी को पानी मे उबालकर, ठंडा कर लें और सुबह खाली पेट पिएं। इसमें शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
  • लहसुन भी गैस की समस्या से निजात दिलाता है। लहसुन को जीरा, खड़ा धनिया के साथ उबालकर इसका काढ़ा पीने से काफी फादा मिलता है। इसे दिन में 2 बार पी सकते हैं।
  • दिनभर में दो से तीन बार इलायची का सेवन पाचन क्रिया में सहायक होता है और गैस की समस्या नहीं होने देता।
  • रोज अदरक का टुकड़ा चबाने से भी पेट की गैस में लाभ होता है।
  • पुदीने की पत्तियों को उबाल कर पीने से गैस से निजात मिलती है।
  • रोजाना नारियल पानी सेवन करना गैस का फायदेमंद उपचार है।
  • इसके अलावा सेब का सिरका भी गर्म पानी में मिलाकर पीने से लाभ होगा।

With thanks from Hemant Singh

Thursday, June 30, 2022

Sex Power By यूनानी दवा सदर मुगललाइज जवाहरी

 


मुगल्लिज़ जवाहरी या मुग़लीज़ जवाहर के नाम से बिकने वाली यूनानी चिकित्सा पद्धति की क्लासिकल औषधि है जो माजून (घी कर शक्कर या शहद में पकाकर तैयार) विधि से निर्मित की जाती है। यह एक अद्भुत यौन शक्ति वर्धक) औषधि है जिसे यूनानी चिकित्सा में हर्बल वियाग्रा के समान माना जाता है। यह औषधि यह खासतौर से पुरुषों में पावर स्टैमिना को बढ़ाने, जोश व नई उमंग जगाने के लिए बनाई जाती है। बहुत सी कंपनिया इसे मिलते जुलते नाम से बनाती हैं लेकिन सबके योग सामग्री में अंतर होता है।

इसमें दारचीनी या दालचीनी, तबाशीर या वंशलोचन, मस्तगी रूमी या रूमी मस्तकी (पिस्ता के परिवार का एक दूसरे पेड़ का गोंद), ज़ाफरान या केशर, कुश्ता यशहब सब्ज (हरा) या हरिताश्म (जेड रत्न) की भस्म, कुश्ता जमुरूद या पन्ना भस्म, कुश्ता मरवारीद या मोती/मुक्ता भस्म, वर्क नुकरा या चांदी का वर्क, मगज बादाम या बादाम गिरी, मगजे चिलगोजा या चिलगोजा की गिरी और नबाते सफेद इन सभी जड़ी बूटियों के मिश्रण से माजून (अवलेह के समान प्रक्रिया) बनाने की विधि द्वारा इसे बनाया जाता है।

यही औषधि पुरुषों के जननांगों की पेशियों को ताकत देता है साथ ही भरपूर जोश जगाता है। पुरुषों में आई किसी भी तरह की कमजोरी को दूर करता है। नामर्दी और नपुंसकता जैसी परेशानी के लिए एक खास दवाई है। यह यौन इच्छा को बढ़ाता है। नया जोश उमंग जगाता है। खास तौर से मर्दाना कमजोरी के लिए एक बेजोड़ दवाई बताई जाती है। बढ़ती उम्र के लोगों के लिए बहुत ही खास यह दवाई है। इसके इस्तेमाल से लिंग में आई लूजनेस खत्म होती है और साथ ही प्रॉपर इरेक्शन वह हार्डनेस आता है। हस्तमैथुन के दुष्प्रभाव को दूर करता है और शीघ्रपतन की समस्या को नष्ट करता है।

एक यूनानी दवाई है। इसे काफी तेज असरदार दवाई बताया जाता है। दिल व दिमागी अमराज से परेशान मरीजों को इसका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए और इसके अलावा 25 साल से कम के युवाओं को भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके ओवरडोज से भी बचना चाहिए ओवरडोज होने पर पानी ज्यादा पीना चाहिए।

With Thanks by

ASWANI KUMAR