Monday, February 15, 2021

क्या मधुमेह का कम होना संभव है?

 मधुमेह का कम होना संभव है? अगर हाँ तो कैसे?

मधुमेह आज एक आम बीमारी बनती जा रही है, और बहुत सारे लोग इससे ग्रसित हो रहे हैं।

पहले देखते हैं कि मधुमेह क्या है?

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो तब होती है, जब इंसान के शरीर के रक्त में शुगर की मात्रा अधिक हो जाती है ।

ग्लूकोज ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है और यह खाए गए भोजन से आता है। इंसुलिन, एक हार्मोन है, जो किसी इंसान के शरीर में स्थित पैन्क्रियाज द्वारा बनाया जाता है।

इन्सुलिन, भोजन से बने ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं में ऊर्जा के रूप में पहुँचाने में मदद करता है।

कभी-कभी पैन्क्रियाज पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बनाता है, तब ग्लूकोज शरीर के रक्त में ही रह जाता है और कोशिकाओं तक नहीं पहुंचता है। इस वजह से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ जाता है और मधुमेह की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

मधुमेह दो तरह का होता है।

टाइप -1 डायबिटीज़ या इंसुलिन डिपेंडेंट डायबिटीज़ मेलिटस, इसी को जुवेनाइल डायबिटीज़ भी कहते हैं। यह अधिकांश बच्चों में पाया जाता है।

टाइप -1 मधुमेह वाले मरीज का मघुमेह कम नहीं किया जा सकता है क्योंकि ऐसे लोगों के शरीर में पैन्क्रियाज, इन्सुलिन नामक हार्मोन नहीं बनाता है, इसलिए इन्हें हमेशा बाहर से इन्सुलिन लेने की जरुरत होती है।

टाइप -2 डायबिटीज़ या नॉन इन्सुलिन डिपेंडेंट डायबिटीज़।

टाइप -2 वाले मधुमेह रोगी का मधुमेह कम होने के या रिवर्स होने की संभावनाएँ प्रबल होती हैं।

किन लोगों का मधुमेह कम किया जा सकता है, आइए यह देखते हैं?

1 प्रीडायबिटिज लोगों का - जिन लोगों का HbA1c स्तर 6.4 से ज्यादा न हो उनका मधुमेह रिवर्स हो सकता है।

उच्च एचबीए 1 सी मधुमेह से संबंधित जटिलताओं जैसे कि स्ट्रोक, हृदय और गुर्दे की बीमारी, आंखों की रोशनी कम होना के बीच एक सिद्ध लिंक है।

HbA1c स्तर जितना नियंत्रित होगा, इन जटिलताओं के विकसित होने की संभावना उतनी ही कम होगी।

ऐसे लोगों का मधुमेह नियंत्रित हो सकता है। उसके लिए कुछ बातों का जानना जरुरी है।

  • यह जानना जरुरी है कि डायबिटीज कितना पुराना है। मधुमेह होने की अवधि कितनी है।
  • अगर यह पाँच साल या उससे कम है तो खान-पान संबंधी बदलाव, व्यायाम और वजन कम करने (जिनका वजन ज्यादा है) से बहुत हद तक मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है और बिना दवाई के आप मधुमेह को नियंत्रित रख सकते हैं।
  • क्योंकि जैसे- जैसे मधुमेह पुराना होता जाएगा पैन्कियाज से इन्सुलिन बनने की मात्रा कम होती जाएगी।
  • डायबिटीज एक प्रोग्रेसिव डिसऑर्डर है जो शरीर में धीरे- धीरे विकसित होता है।

तो समय अवधि बहुत मायने रखती है। पाँच साल या उससे कम समय से किसी को डायबिटीज है और‌ प्रीडायबिटिज स्टेज‌ में हैं तो उपर्युक्त लिखे उपायों द्वारा उनका शुगर कम किया जा सकता है।

2. जिनकी फैमिली हिस्ट्री में मधुमेह न हो - जिन लोगों के परिवार में माता, पिता, दादा जी किसी को मधुमेह है तो उनमें मधुमेह ‌वंशानुगत रूप से आ सकता हैं।

किसी को परिवार में मधुमेह न हो।

लेकिन जिनके परिवार में किसी को मधुमेह नहीं है, तो ऐसे लोगों में मधुमेह कम होने की बहुत संभावना है क्योंकि यह उनके स्वयं के शरीर का डिसऑर्डर है, जिसे समय रहते आसानी से कम किया जा सकता है।

3 स्टेरॉयड दवाइयों का सेवन न करते हों - कई बार मधुमेह किसी अन्य खाई जाने वाली दवाइयों के कारण भी नियंत्रण से बाहर हो जाता है।

स्टेरॉयड दवा नहीं लेना है।

मधुमेह के कारण जोड़ों में दर्द या त्वचा की बीमारी भी होने लगती है। जब भी किसी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ( हड्डी के दर्द के डॉक्टर) के पास जाने की नौबत आए तो उन्हें डायबिटीज के बारे में बताना जरुरी है ताकि वो आपको स्टेरॉयड दवा न दें।

हड्डी की बीमारी में स्टेरॉयड दवा नहीं लेना है।

यह मधुमेह को कम करने की बजाय मधुमेह को बढ़ाता है।

अत: ऐसे दवाइयों से दूरी बनाकर ही मधुमेह को कम किया जा बनता है।

4 तनाव से दूरी बनाए रखें - आज के समय में तनाव किसे नहीं है? कारण कई हो सकते हैं। पारिवारिक, व्यक्तिगत, काम से सबंधी, पैसों से संबंधी, कई वजह होती है, जिसके प्रतिकूल रहने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

अगर तनाव पर काबू पा सकें तो मधुमेह को बहुत हद तक नियंत्रण में लाया जा सकता है।

इसके लिए तेज गति वाले डांस, तेज गति से दौड़ना बहुत लाभदायक होगा।

इसमें सबसे ज्यादा फायदा युवाओं को हो सकता है।

5. कम उम्र के लोगों में मधुमेह रिवर्स होना आसान है- उम्रदराज लोगों की अपेक्षा कम उम्र के लोग अपना मधुमेह आसानी से कम कर सकते हैं क्योंकि वो औरों की अपेक्षा अधिक व्यायाम कर सकते हैं।

अब यह देखना है कि मधुमेह कम करने के लिए किस तरह से सही प्रयास की जरुरत है?

इन्ही तीन चीजों पर मेहनत करनी है।

सही डायट प्लान - एक सामान्य इंसान को पूरे दिनभर में 2000 कैलोरी की जरुरत है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, बसा, प्रोटीन, आयरन तथा अन्य सभी जरुरी चीजें शामिल होनी चाहिए।

इसके लिए करना यह है कि ऐसा डायट प्लान करना चाहिए जिसमें 2000 की जगह 1700 ले 1800 कैलोरी के अंदर सभी चीजों का समावेश हो सके।

मतलब 200 से 300 कैलोरी कम करना है। कई सारे डायट प्लान ऐसे होते हैं, जिसे कोई भी लगातार नहीं कर सकता है, लेकिन इसे अपनाना संभव है। इससे शरीर के अंदर इनटेक कम होगा तो मधुमेह घटाने में मदद मिल सकती है।

किसी भी डायटिशियन की मदद ली जा सकती है कि एक अच्छा डायट प्लान क्या होगा?

सही व्यायाम - सप्ताह में पाँच दिनों तक 30 मिनट की वॉक मधुमेह को आसानी से घटाने में मदद करती है।

वजन कम करना - जिनका वजन ज्यादा है, उन्हें अपना वजन कम करके मधुमेह रिवर्स करने में सफलता मिल सकती है।

भले ही कोई अपने आइडियल वजन को मेंटेन‌ न कर सके, लेकिन वजन कम करने का प्रयास करते रहना जरुरी है।

इसके लिए जरुरी है कि शरीर में भोजन के रूप में जितना कैलोरी अंदर जाता है उससे ज्यादा कैलोरी व्यायाम, कसरत, योगा, डाँस या अन्य तरीकों से बाहर निकलना चाहिए। [1]

ये सारे तरीके अपनाकर मधुमेह को कम किया जा सकता है।

बाकी कुछ घरेलू उपाय जैसे :-

  • मेथी फुलाकर उसका पानी पीना,
  • करेले का जूस पीना
  • फल में जामुन और अमरुद खाना
  • कम तेल घी की चीजें खाना
  • कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सीमित रखना,

ये सारे प्रयास किए जा सकते हैं।

BY Sangeeta Mehta

[1] https://youtu.be/ka4K3hitaWI

Saturday, February 13, 2021

मधुमेह का घरेलू उपचार

अगर आपका मधुमेह शुरआती है तो आप इसे बहुत आसानी से कण्ट्रोल कर सकते है , जो की एक जड़ी बूटी बारे में बताता हूं उसका नाम चरायता है

  • यह बहुत सस्ता और उपयोगी है
  • आप इसे किसी भी पंसारी दुकान से आसानी ले सकते हैं
  • यह मधुमेह के लिए बहुत उपयोगी है
  • इसका उपयोग करके कई रोगी लाभ उठा रहे हैं
  • मधुमेह के अलावा, यह मोटापे को कम करने में मदद करता है
  • इसका उपयोग करके, सभी जिगर से संबंधित रोगों को दूर करता है
  • एसिडिटी को भी कम करता है,
  • यह शरीर को detoxfy और इसके साथ शरीर सक्रिय ऊर्जावान ऊर्जा बना रह्ता है
  • इसके और भी कई अन्य लाभ हैं
  • इसका कोई side effect नही है।

अगर आप की टेबलेट चल रही है तो उसे बंद मत कीजिये, क्योंकि ये धीरे काम करता है,

अगर आपकी शुगर ज्यादा रहती है तो टेबलेट बिल्कुल बन्द नही करनी है।

लेने की विधि — रात को इसकी दो डंडीया एक गिलास पानी मे भिगो दे सुबह वो पानी को पीलें. one week प्रयोग करे

यह स्वाद में थोड़ा सा कडवा है लेकिन यह बहुत उपयोगी है. इससे मधुमेह में काफी फायदा मिलता है ।

Friday, February 12, 2021

न्यायधीश का दंड

अमेरिका में एक पंद्रह साल का लड़का था, स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया। पकड़े जाने पर गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया।

जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा, "तुमने क्या सचमुच कुछ चुराया था ब्रैड और पनीर का पैकेट"?

लड़के ने नीचे नज़रें कर के जवाब दिया। ;- हाँ'।

जज,:- 'क्यों ?'

लड़का,:- मुझे ज़रूरत थी।

जज:- 'खरीद लेते।

लड़का:- 'पैसे नहीं थे।'

जज:- घर वालों से ले लेते।' लड़का:- 'घर में सिर्फ मां है। बीमार और बेरोज़गार है, ब्रैड और पनीर भी उसी के लिए चुराई थी

जज:- तुम कुछ काम नहीं करते ?

लड़का:- करता था एक कार वाश में। मां की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी की थी, तो मुझे निकाल दिया गया।'

जज:- तुम किसी से मदद मांग लेते?

लड़का:- सुबह से घर से निकला था, तकरीबन पचास लोगों के पास गया, बिल्कुल आख़िर में ये क़दम उठाया।

जिरह ख़त्म हुई, जज ने फैसला सुनाना शुरू किया, चोरी और खासकर ब्रैड की चोरी बहुत शर्मनाक जुर्म है और इस जुर्म के हम सब ज़िम्मेदार हैं। 'अदालत में मौजूद हर शख़्स मुझ सहित सब मुजरिम हैं, इसलिए यहाँ मौजूद हर शख़्स पर दस-दस डालर का जुर्माना लगाया जाता है। दस डालर दिए बग़ैर कोई भी यहां से बाहर नहीं निकल सकेगा।'

ये कह कर जज ने दस डालर अपनी जेब से बाहर निकाल कर रख दिए और फिर पेन उठाया लिखना शुरू किया:- इसके अलावा मैं स्टोर पर एक हज़ार डालर का जुर्माना करता हूं कि उसने एक भूखे बच्चे से ग़ैर इंसानी सुलूक करते हुए पुलिस के हवाले किया।

अगर चौबीस घंटे में जुर्माना जमा नहीं किया तो कोर्ट स्टोर सील करने का हुक्म दे देगी।'

जुर्माने की पूर्ण राशि इस लड़के को देकर कोर्ट उस लड़के से माफी तलब करती है।

फैसला सुनने के बाद कोर्ट में मौजूद लोगों के आंखों से आंसू तो बरस ही रहे थे, उस लड़के के भी हिचकियां बंध गईं। वह लड़का बार बार जज को देख रहा था जो अपने आंसू छिपाते हुए बाहर निकल गये।

क्या हमारा समाज, सिस्टम और अदालत इस तरह के निर्णय के लिए तैयार हैं?

चाणक्य ने कहा है कि यदि कोई भूखा व्यक्ति रोटी चोरी करता पकड़ा जाए तो उस देश के लोगों को शर्म आनी चाहिए।

यह रचना बहुत ही प्यारी है दिल को छू गयी तो सोचा आप से भी शेयर कर लूं 

Wednesday, February 10, 2021

हिलते हुए दांत और कमजोर मसूड़े को खत्म करने के घरेलू उपाय

हिलते हुए दांत, कमजोर मसूड़े और मुंह के संक्रमण को खत्म करने के घरेलू उपाय क्या हैं?

हिलते हुए दांत, कमजोर मसूड़े और मुंह के संक्रमण को खत्म करने के लिए हमें सब से पहले मुंह कि सफाई पर ध्यान देना होगा।

फिटकरी को पानी में डालकर उससे कुल्ले करें या सैंधा नमक पानी में डालकर उससे कुल्ले करें ।

3–4 बूंद सरसों के तेल में एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर दांतों और मसूड़ों पर मालिश करने से दांत का दर्द ठीक होता है और मसूड़े मजबूत होते हैं ।

लोंग का तेल मसूड़ों पर मलें ।

एक कली लहसुन को छील कर नमक में डूबो कर चबाएं इससे भी दांत मजबूत होते हैं।

अगर मसूड़े कमजोर हैं और दांत भी हिल रहे हैं तो हमें बबूल या नीम की दातुन करनी चाहिये, ब्रश बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

खाने में मीठा,ज्यादा नमक, खट्टा न खाएं।

अंत में मैं आप को सिर्फ दो छोटे छोटे उपाय बताने वाली हूं अगर आप इसको उपयोग में लाएंगे तो आप को जीवन पर्यन्त कभी भी इस प्रकार का कोई भी दांत सम्बन्धित रोग नहीं हो सकता।ये सब मै आपको अपने तजुर्बे के आधार पर बता रही हूं।

एक तो सवेर उठकर बिना दातुन करे ,पानी पीने के बाद मुंह में तिल या सरसों का तेल भरके गंडूष करें जिसे आजकल ऑयल पुलिंग कहते हैं।इसका बहुत ज्यादा फायदा होता है। गंडुष 10–15 मिनट तक करें। तेल को मुंह में भरकर जीभ से हिलाना होता है फिर ये तेल थूक दें तथा गरम पानी से कुल्ला करें ।फिर दातुन कर सकते हैं ।

दूसरा प्रयोग खाना खाने के बाद हमें थोड़े से तिल रोज चबाना चाहिए। इन को अपनाकर सौ साल तक हमारे दांत बिल्कुल नहीं हिलेगे।

Seema Sharma 

Ayurvedic practitioner

Tuesday, February 9, 2021

मधुमेह (Diabetes)

 

क्या मधुमेह से दाम्पत्य जीवन प्रभावित होता है?

जी हां , मधुमेह से पुंसत्व शक्ति में कमी आती है । आयुर्वेद के अनुसार प्रमेह ( मधुमेह का प्रारंभिक रूप ) के कारणों में आराम तलबी की जिंदगी बसर करना , सोने में अधिक रुचि रखना , अधिक दही का सेवन , किसी भी प्रकार के मांसरसों का अधिक सेवन , अधिक पानी पीना , नया अन्न सेवन , कोल्डड्रिंक का अधिक प्रयोग , अधिक मीठा खाना है । सभी प्रमेह अंत में मधुमेह बन जाते हैं , जिनकी चिकित्सा करना बहुत कठिन है ।

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार मधुमेह में अग्न्याशय ( पैंक्रियाज ) की आइजलैट्स आफ लैंगरहैंस नामक ग्रंथियों में संक्रमण हो जाता है , जिससे रक्त शर्करा के स्तर का नियंत्रण कम हो जाता है । इससे मधुमेह होता है ।

आयुर्वेद के सिद्धांत में थोड़ा अंतर है । इसके अनुसार मूत्रमार्ग से बार बार रुककर मूत्र का आना प्रमेह है । इसमें मूत्र में क्रियेटिनिन , बाइल साल्टस , फास्फेट आदि तत्व आते हैं । मधुमेह में मूत्र से केवल शर्करा निकलती है । यह संक्रमण बढ़ते बढ़ते शुक्र को भी मूत्रमार्ग से निकालता है । इससे पौरुष शक्ति में कमी हो जाती है ।

आयुर्वेद ऐसा भी मानता है कि भगवान गणेश जी को मधुमेह था , क्योंकि वह लंबोदर थे , मोदक प्रिय थे । २ पत्नियां होने पर भी सन्तान सुख से वंचित थे । उनके लिए जम्बु चारु फल भक्षणं जैसी व्यवस्था की गई थी ।

With Thanks Dr Bhagender Thakur

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Monday, February 8, 2021

पित्त की थैली में पथरी

 

पित्त की थैली में पथरी है, क्या मुझे ऑपरेशन करवाना चाहिए, या दवा से ठीक हो सकता हूँ?

यदि 10 mm तक है तो आयुर्वेदिक दवा से गल सकता है।

पित्ताश्मरी वटी का सेवन कुमारीआसव तथा रोहितकारिष्ट के साथ।

शोधित शिलाजीत का सेवन ताजे जल से।

जैतून तेल 10 ml सुबह-शाम पीना, नींबू रस 5 ml पीने के 5 मिनट बाद।

सेव फल का सेवन व इसका जूस पीना, रोज।

5 mm तक का 2 महीने में, 10 mm तक का 4 महीने में गलेगा। इससे बङा हो biggest stone size तो नहीं गलेगा, आपरेशन करवा लें।

Vaidya Ajeet Karan

आयुर्वेदिक दवा- साइड इफ़ेक्ट

 

क्या आयुर्वेदिक दवा से कोई साइड इफ़ेक्ट होता है, विस्तार से बतायेंगे?

नमस्कार।आप ने प्रश्न किया है कि क्या आयुर्वेदिक दवा से कोई साइड इफ़ेक्ट होता है, विस्तार से बतायेंगे?

आपने बहुत अच्छा सवाल किया है इस से कई लोगों को फायदा होगा। अकसर हमने लोगो को ये ही कहते सुना है कि आयुर्वेदिक दवाओं के कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं और वे खुदहीआयुर्वेदिक दवाओं को खरीद कर इलाज शुरु कर देते हैं। उन्हें आयुर्वेदिक दवा कि सही मात्रा का ज्ञान नहीं होता, कई बार शुरू में दवा बहुत अच्छा प्रभाव दिखाती है परन्तु बाद में उसके साइड इफेक्ट नजर आने लगते हैं l जब कि ये बात सब को पता है कि आयुर्वेद वात, पित्त और कफ के सिद्धांत पर आधारित है । एक आयुर्वेदिक औषधि प्रत्येक मनुष्य के लिए लाभप्रद नहीं हो सकती । आगे मै आपको उदहारण से समझाती हूं---

करेला का सेवनआयुर्वेद में बहुत अच्छा माना जाता है । लेकिन ये सब जानते हैं कि करेला ज्यादा सेवन करने से पाचनतंत्र खराब हो जाता है और एलर्जी कि समस्या हो जाती है, करेले के ज्यादा सेवन से पित्त के रोगी को नुकसान होता है ।

इसी प्रकार दालचीनी जो हमारे किचन के मसालों में प्रयोग कि जाती है उसे भी हम कई प्रकार कि समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयोग में लाते हैं, जैसे चाहे वजन नियंत्रित करना हो या पाचन तंत्र ठीक करना हो या डायबिटीज़ को नियंत्रित करना हो,पर क्या आप जानते हैं कि अगर ज्यादा मात्रा में सेवन करें तो यह हमारे लिवर को खराब कर सकती है, पित्त को बहुत बड़ा देती है तथा मुंह में छाले भी ही जाते हैं।

ऐसे ही मेथीदना हमारी सेहत के लिए अमृत से कम नहीं है।मेथी दाना हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ तथा पेट सम्बन्धी समस्याओं में फायदेमंद होता है। लेकिन ये ज्यादा मात्रा में सेवन करने में पित्त को बड़ा देती है ,गैस करती है, दस्त और खून पतला कर देती है।

कई दवा को भिन्न भिन्न अनुपान से लेने से अलग अलग प्रकार से फायदा होता है। कोई दवा हमें सवेरे लेनी होती है, कोई खाली पेट,कोई दिन में, कोई खाना खाने के बीच में ऐसे अलग अलग समय से हमें दवा अलग अलग असर करती है।

आयुर्वेदिक दवा जैसे गोली ,चूर्ण ,पिष्टी तथा भस्म आसव आरिष्ट इन सब का बहुत ध्यान से सावधानी से किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक कि देख रेख में प्रयोग करना चाहिए।

with thanks Seema Sharma

Thursday, February 4, 2021

दांतों में लगे टार्टर को घर पर निकला जा सकता है,

 

दांतों में लगे टार्टर को घर पर निकला जा सकता है, अगर हाँ तो कैसे?

टार्टर यानि पीलापन, दाग।

पान के साथ जो सुपारी सेवन किया जाता है उसे जला कर राख कर लें- काला, सफेद राख। काले राख को खरल करके महीन कर लें, सफेद तो होता ही है महीन। इससे मंजन करें, ब्रश या ऊंगली पर लगा कर दांत पर रगङें, रोज सुबह। दांत मोती जैसे हो जायेंगे, कुछ ही दिनों में।

By Vaidya Ajeet Karan

Wednesday, February 3, 2021

पैरों के अंगूठों के नाख़ून

 

कभी-कभी पैरों के अंगूठों के नाख़ून अंदर की तरफ मुड़ते हुए बढ़ने लगते हैं। चमड़ी में इन नाखूनों से बहुत दर्द होता है। इसका क्या इलाज है और क्या इसे ऐसे बढ़ने से रोका जा सकता है?

कभी कभी पैरों के अंगूठों के नाखून अंदर की तरफ मुड़ते हुए बढ़ने लगते हैं और चमड़ी में इन नाखूनों से बहुत दर्द होता है।

इस समस्या के कारण पैरों में दर्द, उंगलियों का लाल होना, सूजन आना और कभी-कभी खून निकलना जैसी परेशानियां हो जाती है। इसके अलावा इससे इंफेक्शन का डर भी रहता है। ऐसे में हम आपको ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे, जिससे आप इस समस्या को बिना किसी नुकसान के दूर कर सकते है।

आधा कप सेब के सिरके को गर्म पानी में डालकर उसमें 20 मिनट तक पैर भिगो लें। बाद में पैरों को सादे पानी से साफ करें। एक सप्ताह में ऐसा करने से यह समस्या दूर हो जाएगी।

हल्‍के गुनगुने पानी में 1 चम्‍मच नमक डालकर उसमें पैरों को 18-20 मिनट के लिए डूबों दें। इसके बाद साधे पानी से पैरों को साफ करें। दिन में 2 बार हफ्ते भर इसका इस्तेमाल आपकी इस समस्या को दूर कर देगा।

गर्म पानी में लिक्विड एंटी-बैक्‍टीरियल साबुन मिलाएं। इसके बाद इसमें लगभग 30 मिनट तक पैरों को डूबाएं। इसके बाद पैरों को साफ करके नेल्‍स के बीच में कॉटन लगा दें।

नींबू का एक पतला-सा टुकड़ा लेकर उसे अंगूठे पर पट्टी के साथ बांधकर रातभर छोड़ दें। हफ्तेभर नींबू के टुकड़े से पट्टी करने पर आपको इस समस्या से राहत मिल जाएगी।

हर्बल ऑयल नीलगिरी, लैवेंडर, और पुदीना के तेल से बनाया जाता है। इस तेल की कुछ बूदें नेल्‍स के बीच में और घाव के आस-पास डालें। रोजाना इसे लगाने से यह समस्या दूर हो जाएगी।

पैर को 15 से 20 मिनट के लिए गर्म पानी में डूबाकर रखें और ऐसा दिन में करीब तीन से चार बार दोहराएं।

नाखून के किनारों की त्वचा पर जैतून के तेल में भिगोई हुई रूई लगाएं।

जब नाखूनों को ट्रिम करने के लिए समय आता है, तो वही गलती न करें- उन्हें सीधे काट लें, कोनों में कोई कोने नहीं और कोई कोण नहीं। और उन्हें बहुत कम छोड़ने से बचें।

By-Ashok Sachdeva